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सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 / Code of Civil Procedure, 1908

CPC Order 33 Rule 2 — Contents of application

आदेश 33 नियम 2 — आवेदन की विषयवस्तु

हिंदी पाठ

[निर्धन व्यक्ति] के रूप में वाद लाने की अनुज्ञा के हर आवेदन में वादों में के वाद-पत्रों के सम्बन्ध में अपेक्षित विशिष्टियां अन्तर्विष्ट होंगी, आवेदन की जंगम या स्थावर सम्पत्ति की अनुसूची उस सम्पत्ति के प्राक्कलित मूल्य के सहित उससे उपाबद्ध होगी, और वह उस रीति से हस्ताक्षरित और सत्यापित होगा जो अभिवचनों के हस्ताक्षरण और सत्यापन के लिए
विहित हैं ।
! [976 के अधिनियम सं० 04 की धारा 8] द्वारा 2 [976 के अधिनियम सं ० 04 की धारा 8] द्वारा 3 [976 के अधिनियम सं ० 04 की धारा 8] द्वारा 4 [976 के अधिनियम सं० 04 की धारा 8] द्वारा
-2-977 से) “अर्किंचनों द्वारा वाद” के स्थान पर प्रतिस्थापित । -2-977 से) “अर्किंचन” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
-2-977 से) स्पष्टीकरण के स्थान पर प्रतिस्थापित । [-2-977 से) अंतःस्थापित ।

Official text

Every application for permission to sue as an 2[indigent person] shall contain the particulars required in regard to plaints in suits: a schedule of any movable or immovable property belonging to the applicant, with the estimated value thereof, shall be annexed thereto; and it shall be signed and verified in the manner prescribed for the signing and verification of pleadings.