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सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 / Code of Civil Procedure, 1908

CPC Order 45 Rule 10 — Power to order further security or payment

आदेश 45 नियम 10 — अतिरिक्त प्रतिभूति या संदाय का आदेश देने की शक्ति

हिंदी पाठ

जहां अपील के ग्रहण किए जाने के पश्चात्‌ किन्तु यथापूर्वोक्त के सिवाय अभिलेख की प्रति [उच्चतम न्यायालय] को पारेषित किए जाने के पूर्व किसी भी समय ऐसी प्रतिभूति अपर्याप्त प्रतीत हो,
अथवा यथापूर्वोक्त के सिवाय अभिलेख के अनुवाद कराने, अनुलिपि कराने, मुद्रण, अनुक्रमणिका तैयार करने या उसकी प्रति का पारेषण करने के प्रयोजन के लिए अतिरिक्त संदाय अपेक्षित हो,
वहां न्यायालय अपीलार्थी को आदेश दे सकेगा कि वह अन्य और पर्याप्त प्रतिभूति उस समय के भीतर दे जो न्यायालय द्वारा नियत किया जाएगा या उतने ही समय के भीतर वह संदाय करे जो अपेक्षित है ।
. आदेश का अनुपालन करने में असफलता का प्रभाव--जहां अपीलार्थी ऐसे आदेश का अनुपालन करने में असफल रहता है वहां कार्यवाहियां रोक दी जाएंगी,
और अपील में [उच्चतम न्यायालय] के इस निमित्त आदेश के बिना आगे कार्यवाही नहीं की जाएगी,
और जिस डिक्री की अपील की गई है उसका निष्पादन इस बीच नहीं रोका जाएगा ।

Official text

Where at any time after the admission of an appeal but before the transmission of the copy of the record, except as aforesaid, to 1[the Supreme Court], such security appears inadequate, or further payment is required for the purpose of translating, transcribing, printing, indexing or transmitting the copy of the record, except as aforesaid, the Court may order the appellant to furnish, within a time to be fixed by the Court, other and sufficient security, or to make, within like time, the required payment.