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सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 / Code of Civil Procedure, 1908

CPC Order 8 Rule 4 — Evasive-denial

आदेश 8 नियम 4 — वाग्छलपूर्ण प्रत्याख्यान

हिंदी पाठ

जहां प्रतिवादी वाद में के किसी तथ्य के अभिकथन का प्रत्याख्यान करता है वहां उसे वैसा वाग्छलपूर्ण तौर पर नहीं करना चाहिए, वरन्‌ सार की बात का उत्तर देना चाहिए । उदाहरणार्थ, यदि यह अभिकथित किया जाता है कि उसने एक निश्चित धन की राशि प्राप्त की तो यह प्रत्याख्यान कि उसने वह विशिष्ट राशि प्राप्त नहीं की पर्याप्त नहीं होगा वरन्‌ उसे यह चाहिए कि वह प्रत्याख्यान करे कि उसने वह राशि या उसका कोई भाग प्राप्त नहीं किया या फिर यह उपवर्णित करना चाहिए कि उसने कितनी राशि प्राप्त की और यदि अभिकथन विभिन्‍न परिस्थितियों सहित किया गया है तो उन परिस्थितियों सहित उस अभिकथन का प्रत्याख्यान कर देना पर्याप्त नहीं होगा ।
' [999 के अधिनियम सं ० 46 की धारा 8 द्वारा (-7-2002 से) अंत:स्थापित । 2 2002 के अधिनियम सं ० 22 की धारा 9 द्वारा (-7-2002 से) उपनियम (3) के स्थान पर प्रतिस्थापित । 3 2076 के अधिनियम सं ० 4 की धारा 6 और अनुसूची द्वारा अंत:स्थापित ।

Official text

Where a defendant denies an allegation of fact in the plaint, he must not do so evasively, but answer the point of substance. Thus, if it is alleged that he received a certain sum of money, it shall not be sufficient to deny that he received that particular amount, but he must deny that he received that sum or any part thereof, or else set out how much he received. And if an allegation is made with diverse circumstances, it shall not be sufficient to deny it along with those circumstances.