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BNS Section 103 (IPC 302) — Punishment for murder

भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) धारा 103 (पुरानी आईपीसी 302) — हत्या की सज़ा

Law / कानूनBharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (BNS)
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस)
Section / धारा103
Chapter / अध्यायChapter VI — Of Offences Affecting The Human Body
Old law / पुरानी धाराIndian Penal Code (IPC) — IPC 302
Punishment / सज़ामृत्युदंड या आजीवन कारावास + जुर्माना

सरल हिंदी सार

हत्या की सज़ा
हत्या के लिए दंड। उपधारा (2): 5 या अधिक लोगों का समूह जाति, धर्म, भाषा आदि के आधार पर हत्या करे (मॉब लिंचिंग) — नया प्रावधान।

मुख्य तत्व / Key ingredients

संज्ञेय, ज़मानती और विचारण (BNSS प्रथम अनुसूची)

उप-धारा / Clauseसंज्ञेय?ज़मानती?विचारण / Triable by
103(1)संज्ञेय
Cognizable
अज़मानती
Non-bailable
सत्र न्यायालय
Court of Session
103(2)संज्ञेय
Cognizable
अज़मानती
Non-bailable
सत्र न्यायालय
Court of Session

स्रोत: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की प्रथम अनुसूची।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

BNS धारा 103 क्या है? / What is BNS Section 103?
Punishment for murder — हत्या की सज़ा: हत्या के लिए दंड। उपधारा (2): 5 या अधिक लोगों का समूह जाति, धर्म, भाषा आदि के आधार पर हत्या करे (मॉब लिंचिंग) — नया प्रावधान।

क्या BNS धारा 103 ज़मानती है? / Is BNS Section 103 bailable?
यह अपराध: अज़मानती (Non-bailable)

क्या BNS धारा 103 संज्ञेय है? / Is BNS Section 103 cognizable?
यह अपराध: संज्ञेय (Cognizable)

BNS धारा 103 का विचारण कौन-सा न्यायालय करता है? / Which court tries BNS Section 103?
विचारण: सत्र न्यायालय (Court of Session)

BNS धारा 103 की सज़ा क्या है? / What is the punishment under BNS Section 103?
मृत्युदंड या आजीवन कारावास + जुर्माना

बीएनएस धारा 103 पुरानी आईपीसी की कौन-सी धारा है? / Which old IPC section is BNS Section 103?
BNS Section 103 = IPC 302. Punishment for murder

Full text (English)

(1) Whoever commits murder shall be punished with death or imprisonment for life, and shall also be liable to fine.
(2) When a group of five or more persons acting in concert commits murder on the ground of race, caste or community, sex, place of birth, language, personal belief or any other similar ground each member of such group shall be punished with death or with imprisonment for life, and shall also be liable to fine.

पूरा पाठ (हिंदी)

(1) जो कोई हत्या करेगा, वह मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा
(2) जब पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का कोई समूह मिलकर मूलवंश, जाति या समुदाय, लिंग, जन्म स्थान, भाषा, वैयक्तिक विश्वास या किसी अन्य समरूप आधार पर हत्या कारित करते हैं तो ऐसे समूह का प्रत्येक सदस्य मृत्यु या आजीवन कारावास के दंड से दंडनीय होगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।

प्रमुख निर्णय / Landmark judgments

Bachan Singh v. State of Punjab — सर्वोच्च न्यायालय, 1980, (1980) 2 SCC 684
मृत्युदंड केवल 'दुर्लभतम में दुर्लभ' मामलों में; आजीवन कारावास सामान्य नियम।
Machhi Singh v. State of Punjab — सर्वोच्च न्यायालय, 1983, (1983) 3 SCC 470
'दुर्लभतम' तय करने के लिए अपराध का तरीक़ा, उद्देश्य, पीड़ित की स्थिति आदि श्रेणियाँ बताईं, और गुरुतर-शमनकारी परिस्थितियों का संतुलन।
Tehseen S. Poonawalla v. Union of India — सर्वोच्च न्यायालय, 2018, (2018) 9 SCC 501
भीड़ हिंसा (मॉब लिंचिंग) रोकने के लिए राज्यों को निवारक और दंडात्मक दिशा-निर्देश।
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Source: India Code — The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (As on 6 Oct 2025). All BNS sections

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