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BNS Section 77 (IPC 354C) — Voyeurism
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) धारा 77 (पुरानी आईपीसी 354C) — दृश्यरतिकता (छिपकर देखना/फ़ोटो)
| Law / कानून | Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (BNS) भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) |
|---|---|
| Section / धारा | 77 |
| Chapter / अध्याय | Chapter V — Of Offences Against Woman And Child |
| Old law / पुरानी धारा | Indian Penal Code (IPC) — IPC 354C |
| Punishment / सज़ा | पहली बार 1–3 वर्ष + जुर्माना; दोबारा 3–7 वर्ष + जुर्माना |
सरल हिंदी सार
निजी कार्य करती महिला को छिपकर देखना या उसकी फ़ोटो/वीडियो लेना या फैलाना।
संज्ञेय, ज़मानती और विचारण (BNSS प्रथम अनुसूची)
| उप-धारा / Clause | संज्ञेय? | ज़मानती? | विचारण / Triable by |
|---|---|---|---|
| 77 | संज्ञेय Cognizable | ज़मानती Bailable | सत्र न्यायालय Court of Session |
दूसरी या बाद की दोषसिद्धि पर अपराध संज्ञेय और अज़मानती है।
स्रोत: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की प्रथम अनुसूची।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
BNS धारा 77 क्या है? / What is BNS Section 77?
Voyeurism — दृश्यरतिकता (छिपकर देखना/फ़ोटो): निजी कार्य करती महिला को छिपकर देखना या उसकी फ़ोटो/वीडियो लेना या फैलाना।
क्या BNS धारा 77 ज़मानती है? / Is BNS Section 77 bailable?
यह अपराध: ज़मानती (Bailable) दूसरी या बाद की दोषसिद्धि पर अपराध संज्ञेय और अज़मानती है।
क्या BNS धारा 77 संज्ञेय है? / Is BNS Section 77 cognizable?
यह अपराध: संज्ञेय (Cognizable)
BNS धारा 77 का विचारण कौन-सा न्यायालय करता है? / Which court tries BNS Section 77?
विचारण: सत्र न्यायालय (Court of Session)
BNS धारा 77 की सज़ा क्या है? / What is the punishment under BNS Section 77?
पहली बार 1–3 वर्ष + जुर्माना; दोबारा 3–7 वर्ष + जुर्माना
बीएनएस धारा 77 पुरानी आईपीसी की कौन-सी धारा है? / Which old IPC section is BNS Section 77?
BNS Section 77 = IPC 354C. Voyeurism
Full text (English)
Explanation 1.—For the purposes of this section, “private act” includes an act of watching carried out in a place which, in the circumstances, would reasonably be expected to provide privacy and where the victim’s genitals, posterior or breasts are exposed or covered only in underwear; or the victim is using a lavatory; or the victim is doing a sexual act that is not of a kind ordinarily done in public.
Explanation 2.—Where the victim consents to the capture of the images or any act, but not to their dissemination to third persons and where such image or act is disseminated, such dissemination shall be considered an offence under this section.
पूरा पाठ (हिंदी)
उस कृत्य में लिप्त व्यक्ति या उस कृत्य में लिप्त व्यक्ति के कहने पर कोई अन्य व्यक्ति उसका चित्र खींचता है या उस चित्र को प्रसारित करता है, तो प्रथम दोषसिद्धि पर, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा और दूवितीय या पश्चातवर्ती किसी दोषसिद्धि पर, दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा ।
स्पष्टीकरण --इस धारा के प्रयोजनों के लिए, “निजी कार्य” के अंतर्गत ताकने का कोई ऐसा कृत्य आता है जो ऐसे किसी स्थान में किया जाता है, जिसके संबंध में, परिस्थितियों के अधीन, युक्तियुक्त रूप से यह प्रत्याशा की जाती है कि वहां एकांतता होगी और जहां कि पीड़िता के जननांगों, नितंबों या वक्षस्थलों को अभिदर्शित किया जाता है या केवल अधोवस्त्र से ढका जाता है या जहां पीड़िता किसी शौचघर का प्रयोग कर रही है ; या जहां पीड़िता ऐसा कोई लैंगिक कृत्य कर रही है जो ऐसे प्रकार का नहीं है जो साधारणतया सार्वजनिक तौर पर किया जाता है ।
स्पष्टीकरण 2--जहां पीड़िता, चित्रों या किसी अभिनय के चित्र को खींचने के लिए सहमति देती है, किन्तु अन्य व्यक्तियों को उन्हें प्रसारित करने की सहमति नहीं देती है और जहां उस चित्र या अभिनय का प्रसारण किया जाता है वहां ऐसे प्रसारण को इस धारा के अधीन अपराध माना जाएगा ।
Source: India Code — The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (As on 6 Oct 2025). All BNS sections
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