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BNSS Section 180 (CrPC 161) — Examination of witnesses by police

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) धारा 180 (पुरानी सीआरपीसी 161) — पुलिस द्वारा गवाहों का बयान

Law / कानूनBharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (BNSS)
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस)
Section / धारा180
Chapter / अध्यायChapter XIII — Information To The Police And Their Powers To Investigate
Old law / पुरानी धाराCode of Criminal Procedure (CrPC) — CrPC 161
Punishment / सज़ा—

सरल हिंदी सार

पुलिस द्वारा गवाहों का बयान
जाँच के दौरान पुलिस गवाहों से पूछताछ कर बयान दर्ज करती है; ऑडियो-वीडियो से भी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

बीएनएसएस धारा 180 क्या है? / What is BNSS Section 180?
Examination of witnesses by police — पुलिस द्वारा गवाहों का बयान: जाँच के दौरान पुलिस गवाहों से पूछताछ कर बयान दर्ज करती है; ऑडियो-वीडियो से भी।

बीएनएसएस धारा 180 पुरानी सीआरपीसी की कौन-सी धारा है? / Which old CrPC section is BNSS Section 180?
BNSS Section 180 = CrPC 161. Examination of witnesses by police

Full text (English)

(1) Any police officer making an investigation under this Chapter, or any police officer not below such rank as the State Government may, by general or special order, prescribe in this behalf, acting on the requisition of such officer, may examine orally any person supposed to be acquainted with the facts and circumstances of the case.
(2) Such person shall be bound to answer truly all questions relating to such case put to him by such officer, other than questions the answers to which would have a tendency to expose him to a criminal charge or to a penalty or forfeiture.
(3) The police officer may reduce into writing any statement made to him in the course of an examination under this section; and if he does so, he shall make a separate and true record of the statement of each such person whose statement he records:
Provided that statement made under this sub-section may also be recorded by audio-video electronic means:
Provided further that the statement of a woman against whom an offence under section 64, section 65, section 66, section 67, section 68, section 69, section 70, section 71, section 74, section 75, section 76, section 77, section 78, section 79 or section 124 of the Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 is alleged to have been committed or attempted, shall be recorded, by a woman police officer or any woman officer.

पूरा पाठ (हिंदी)

(1) कोई पुलिस अधिकारी, जो इस अध्याय के अधीन अन्वेषण कर रहा है या ऐसे अधिकारी की अपेक्षा पर कार्य करने वाला पुलिस अधिकारी, जो ऐसी पंक्ति से निम्नतर पंक्ति का नहीं है जिसे राज्य सरकार साधारण या विशेष आदेश द्वारा इस निमित्त विहित करे, मामले के तथ्यों और परिस्थितियों से परिचित समझे जाने वाले किसी व्यक्ति की मौखिक परीक्षा कर सकता है ।
(2) ऐसा व्यक्ति उन प्रश्नों के सिवाय, जिनके उत्तरों की प्रवृत्ति उसे आपराधिक आरोप या शास्ति या जब्ती की आशंका में डालने की है, ऐसे मामले से संबंधित उन सब प्रश्नों का सही-सही उत्तर देने के लिए आबद्ध होगा जो ऐसा अधिकारी उससे पूछता है ।
(3) पुलिस अधिकारी इस धारा के अधीन परीक्षा के दौरान उसके समक्ष किए गए किसी भी कथन को लेखबदूध कर सकेगा और यदि वह ऐसा करता है, तो वह प्रत्येक ऐसे व्यक्ति के कथन का पृथक्‌ और सही अभिलेख बनाएगा, जिसका कथन वह अभिलिखित करता है :
परंतु इस उपधारा के अधीन किया गया कथन श्रव्य-दृश्य इलैक्ट्रानिक साधनों द्वारा भी अभिलिखित किया जा सकेगा :
परंतु यह और कि किसी ऐसी महिला का कथन, जिसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 64, धारा 65, धारा 66, धारा 67, धारा 68, धारा 69, धारा 70, धारा 7।, धारा 74, धारा 75, धारा 76, धारा 77, धारा 78, धारा 79 या धारा 24 के अधीन किसी अपराध के किए जाने या किए जाने का प्रयत्न किए जाने का अभिकथन किया. गया है, किसी महिला पुलिस अधिकारी या किसी महिला अधिकारी द्वारा अभिलिखित किया जाएगा
8. (1) किसी व्यक्ति द्वारा किसी पुलिस अधिकारी से इस अध्याय के अधीन अन्वेषण के दौरान किया गया कोई कथन, यदि लेखबदूध किया जाता है तो कथन करने वाले व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित नहीं किया जाएगा, और न ऐसा कोई कथन या उसका कोई अभिलेख, चाहे वह पुलिस डायरी में हो या न हो, और न ऐसे कथन या अभिलेख का कोई भाग ऐसे किसी अपराध की, जो ऐसा कथन किए जाने के समय अन्वेषण के अधीन था, किसी जांच या विचारण में, इसमें इसके पश्चात्‌ यथाउपबंधित के सिवाय, किसी भी प्रयोजन के लिए उपयोग में लाया जाएगा :
परंतु जब कोई ऐसा साक्षी, जिसका कथन उपर्युक्त रूप में लेखबदूध कर लिया गया है, ऐसी जांच या विचारण में अभियोजन की ओर से बुलाया जाता है तब यदि उसके कथन का कोई भाग, सम्यक्‌ रूप से साबित कर दिया गया है तो, अभियुक्त द्वारा और न्यायालय की अनुमति से अभियोजन द्वारा उसका उपयोग ऐसे साक्षी का खंडन करने के लिए भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 48 द्वारा उपबंधित रीति से किया जा सकता है और जब ऐसे कथन का कोई भाग इस प्रकार उपयोग में लाया जाता है तब उसका कोई भाग ऐसे साक्षी की पुनःपरीक्षा में भी, किंतु उसकी प्रतिपरीक्षा में निर्दिष्ट किसी बात का स्पष्टीकरण करने के प्रयोजन से ही, उपयोग में लाया जा सकता है ।
(2) इस धारा की किसी बात के बारे में यह नहीं समझा जाएगा कि वह भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 26 के खंड (क) के उपबंधों के भीतर आने वाले किसी कथन को लागू होती है या उस अधिनियम की धारा 23 की उपधारा (2) के परंतुक के उपबंधों पर प्रभाव डालती है ।
स्पष्टीकरण--उपधारा (1) में निर्दिष्ट कथन में किसी तथ्य या परिस्थिति के कथन का लोप, खंडन हो सकता है यदि वह उस संदर्भ को ध्यान में रखते हुए, जिसमें ऐसा लोप किया गया है महत्वपूर्ण और अन्यथा संगत प्रतीत होता है और कोई लोप किसी विशिष्ट संदर्भ में खंडन है या नहीं यह तथ्य का प्रश्न होगा ।
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Source: India Code — The Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023. All BNSS sections

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