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BNSS Section 29 (CrPC 35) — Powers of Judges and Magistrates exercisable by their successors-in office
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) धारा 29 (पुरानी सीआरपीसी 35)
| Law / कानून | Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (BNSS) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) |
|---|---|
| Section / धारा | 29 |
| Chapter / अध्याय | Chapter III — Power Of Courts |
| Old law / पुरानी धारा | Code of Criminal Procedure (CrPC) — CrPC 35 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
बीएनएसएस धारा 29 क्या है? / What is BNSS Section 29?
Powers of Judges and Magistrates exercisable by their successors-in office
बीएनएसएस धारा 29 पुरानी सीआरपीसी की कौन-सी धारा है? / Which old CrPC section is BNSS Section 29?
BNSS Section 29 = CrPC 35. Powers of Judges and Magistrates exercisable by their successors-in office
Full text (English)
(1) Subject to the other provisions of this Sanhita, the powers and duties of a Judge or Magistrate may be exercised or performed by his successor-in-office.
(2) When there is any doubt as to who is the successor-in-office, the Sessions Judge shall determine by order in writing the Judge who shall, for the purposes of this Sanhita or of any proceedings or order thereunder, be deemed to be the successor-in-office.
(3) When there is any doubt as to who is the successor-in-office of any Magistrate, the Chief Judicial Magistrate, or the District Magistrate, as the case may be, shall determine by order in writing the Magistrate who shall, for the purpose of this Sanhita or of any proceedings or order thereunder, be deemed to be the successor-in-office of such Magistrate. POWERS OF SUPERIOR OFFICERS OF POLICE AND AID TO THE MAGISTRATES AND THE POLICE e
(2) When there is any doubt as to who is the successor-in-office, the Sessions Judge shall determine by order in writing the Judge who shall, for the purposes of this Sanhita or of any proceedings or order thereunder, be deemed to be the successor-in-office.
(3) When there is any doubt as to who is the successor-in-office of any Magistrate, the Chief Judicial Magistrate, or the District Magistrate, as the case may be, shall determine by order in writing the Magistrate who shall, for the purpose of this Sanhita or of any proceedings or order thereunder, be deemed to be the successor-in-office of such Magistrate. POWERS OF SUPERIOR OFFICERS OF POLICE AND AID TO THE MAGISTRATES AND THE POLICE e
पूरा पाठ (हिंदी)
(1) इस संहिता के अन्य उपबंधों के अधीन रहते हुए, किसी न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट की शक्तियों का प्रयोग और कर्तव्यों का पालन उसके पद-उत्तरवर्ती द्वारा किया जा सकेगा ।
(2) जब इस बारे में कोई शंका है कि पद-उत्तरवर्ती कौन है तब सेशन न्यायाधीश लिखित आदेश द्वारा यह अवधारित करेगा कि कौन सा न्यायाधीश, इस संहिता के या इसके अधीन किन््हीं कार्यवाहियों या आदेशों के प्रयोजनों के लिए पद-उत्तरवर्ती समझा जाएगा ।
(3) जब इस बारे में कोई शंका है कि किसी मजिस्ट्रेट का पद-उत्तरवर्ती कौन है तब, यथास्थिति, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट लिखित आदेश द्वारा यह अवधारित करेगा कि कौन सा मजिस्ट्रेट इस संहिता के, या इसके अधीन किन््तहीं कार्यवाहियों या आदेशों के प्रयोजनों के लिए ऐसे मजिस्ट्रेट का पद-उत्तरवर्ती समझा जाएगा ।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की शक्तियां और मजिस्ट्रेट तथा पुलिस को सहायता 30. पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी से पंक्ति में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सर्वत्र स्थानीय क्षेत्र में, जिसमें वे नियुक्त हैं, उन शक्तियों का प्रयोग कर सकेंगे जिनका प्रयोग अपने थाने की सीमाओं के भीतर ऐसे अधिकारी द्वारा किया जा सकेगा । 3. प्रत्येक व्यक्ति, ऐसे मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी की सहायता करने के लिए आबद्ध है, जो निम्नलिखित कार्यों में उचित रूप से उसकी सहायता मांगता है,-- (क) किसी अन्य ऐसे व्यक्ति को, जिसे ऐसा मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी गिरफ्तार करने के लिए प्राधिकृत है, पकड़ना या उसका निकल भागने से रोकना ; या
(ख) शान्ति भंग का निवारण या दमन ; या (ग) किसी लोक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के प्रयत्न का निवारण । 32. जब कोई वारंट, पुलिस अधिकारी से भिन्न किसी व्यक्ति को निदेशित है तब कोई भी अन्य व्यक्ति उस वारंट के निष्पादन में सहायता कर सकेगा यदि वह व्यक्ति, जिसे वारंट निदेशित है, पास में है और वारंट के निष्पादन में कार्य कर रहा है ।
🔎 सरल सार, केस-लॉ और बोलकर/फ़ोटो से धारा खोजें(2) जब इस बारे में कोई शंका है कि पद-उत्तरवर्ती कौन है तब सेशन न्यायाधीश लिखित आदेश द्वारा यह अवधारित करेगा कि कौन सा न्यायाधीश, इस संहिता के या इसके अधीन किन््हीं कार्यवाहियों या आदेशों के प्रयोजनों के लिए पद-उत्तरवर्ती समझा जाएगा ।
(3) जब इस बारे में कोई शंका है कि किसी मजिस्ट्रेट का पद-उत्तरवर्ती कौन है तब, यथास्थिति, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट या जिला मजिस्ट्रेट लिखित आदेश द्वारा यह अवधारित करेगा कि कौन सा मजिस्ट्रेट इस संहिता के, या इसके अधीन किन््तहीं कार्यवाहियों या आदेशों के प्रयोजनों के लिए ऐसे मजिस्ट्रेट का पद-उत्तरवर्ती समझा जाएगा ।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की शक्तियां और मजिस्ट्रेट तथा पुलिस को सहायता 30. पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी से पंक्ति में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सर्वत्र स्थानीय क्षेत्र में, जिसमें वे नियुक्त हैं, उन शक्तियों का प्रयोग कर सकेंगे जिनका प्रयोग अपने थाने की सीमाओं के भीतर ऐसे अधिकारी द्वारा किया जा सकेगा । 3. प्रत्येक व्यक्ति, ऐसे मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी की सहायता करने के लिए आबद्ध है, जो निम्नलिखित कार्यों में उचित रूप से उसकी सहायता मांगता है,-- (क) किसी अन्य ऐसे व्यक्ति को, जिसे ऐसा मजिस्ट्रेट या पुलिस अधिकारी गिरफ्तार करने के लिए प्राधिकृत है, पकड़ना या उसका निकल भागने से रोकना ; या
(ख) शान्ति भंग का निवारण या दमन ; या (ग) किसी लोक संपत्ति को क्षति पहुंचाने के प्रयत्न का निवारण । 32. जब कोई वारंट, पुलिस अधिकारी से भिन्न किसी व्यक्ति को निदेशित है तब कोई भी अन्य व्यक्ति उस वारंट के निष्पादन में सहायता कर सकेगा यदि वह व्यक्ति, जिसे वारंट निदेशित है, पास में है और वारंट के निष्पादन में कार्य कर रहा है ।
Source: India Code — The Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023. All BNSS sections
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