SUMI SETU › Laws / कानून › Constitution › Article 329
Article 329 — Bar to interference by courts in electoral matters
भारत का संविधान अनुच्छेद 329 — निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायात्रयों के हस्तक्षेप का वर्जन
| Law / कानून | Constitution of India भारत का संविधान |
|---|---|
| Article / अनुच्छेद | 329 |
| Chapter / अध्याय | Part XV — Elections |
सरल हिंदी सार
निर्वाचन मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप पर रोक
निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन और सीटों के आवंटन के विषय में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकते। निर्वाचन को केवल निर्वाचन याचिका से चुनौती दी जा सकती है।
निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन और सीटों के आवंटन के विषय में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकते। निर्वाचन को केवल निर्वाचन याचिका से चुनौती दी जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
संविधान अनुच्छेद 329 क्या है? / What is Article 329?
Bar to interference by courts in electoral matters — निर्वाचन मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप पर रोक: निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन और सीटों के आवंटन के विषय में न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकते। निर्वाचन को केवल निर्वाचन याचिका से चुनौती दी जा सकती है।
Full text (English)
[Notwithstanding anything in this Constitution 2***—]
(a) the validity of any law relating to the delimitation of constituencies or the allotment of seats to such constituencies, made or purporting to be made under article 327 or article 328, shall not be called in question in any court;
(b) no election to either House of Parliament or to the House or either House of the Legislature of a State shall be called in question except by an election petition presented to such authority and in such manner as may be provided for by or under any law made by the appropriate Legislature.
(a) the validity of any law relating to the delimitation of constituencies or the allotment of seats to such constituencies, made or purporting to be made under article 327 or article 328, shall not be called in question in any court;
(b) no election to either House of Parliament or to the House or either House of the Legislature of a State shall be called in question except by an election petition presented to such authority and in such manner as may be provided for by or under any law made by the appropriate Legislature.
पूरा पाठ (हिंदी)
'[इस संविधान में किसी बात के होते हुए भी सनम
(क) अनुच्छेद 327 या अनुच्छेद 328 के अधीन बनाई गई या बनाई जाने के लिए तात्पर्यित किसी ऐसी विधि की विधिमान्यता, जो निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन या ऐसे निर्वाचन-क्षेत्रों को स्थानों के आबंटन से संबंधित है, किसी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं की जाएगी;
(ख) संसद् के प्रत्येक सदन या किसी राज्य के विधान-मंडल के सदन या प्रत्येक सदन के लिए कोई निर्वाचन ऐसी निर्वाचन अर्जी पर ही प्रश्नगत किया जाएगा, जो ऐसे प्राधिकारी को और ऐसी रीति से प्रस्तुत की गई है जिसका समुचित विधान-मंडल द्वारा बनाई गई विधि द्वारा या उसके अधीन उपबंध किया जाए, अन्यथा नहीं ।
१329क. प्रधान मंत्री और अध्यक्ष के मामले में संसद् के लिए निर्वाचनों के बारे में विशेष उपबंध ।॥| -- संविधान (चवाल्लीसवां संशोधन) अधिनियम, 978 की धारा 36 द्वारा (20-6-4979 से) लोप किया गया ।
. संविधान (उनतालीसवां संशोधन) अधिनियम, 975 की धारा 3 द्वारा (0-8-975 से) कुछ शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
2. संविधान (चवालीसवां संशोधन) अधिनियम, 978 की धारा 35 द्वारा (20-6-4979 से) “परन्तु अनुच्छेद 329क के उपबंधों के अधीन रहते हुए” शब्दों, अंकों और अक्षर का लोप किया गया ।
3. संविधान (उनतालीसवां संशोधन) अधिनियम, 975 की धारा 4 द्वारा (0-8-4975 से) अंतःस्थापित
भाग 6 कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध
(क) अनुच्छेद 327 या अनुच्छेद 328 के अधीन बनाई गई या बनाई जाने के लिए तात्पर्यित किसी ऐसी विधि की विधिमान्यता, जो निर्वाचन-क्षेत्रों के परिसीमन या ऐसे निर्वाचन-क्षेत्रों को स्थानों के आबंटन से संबंधित है, किसी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं की जाएगी;
(ख) संसद् के प्रत्येक सदन या किसी राज्य के विधान-मंडल के सदन या प्रत्येक सदन के लिए कोई निर्वाचन ऐसी निर्वाचन अर्जी पर ही प्रश्नगत किया जाएगा, जो ऐसे प्राधिकारी को और ऐसी रीति से प्रस्तुत की गई है जिसका समुचित विधान-मंडल द्वारा बनाई गई विधि द्वारा या उसके अधीन उपबंध किया जाए, अन्यथा नहीं ।
१329क. प्रधान मंत्री और अध्यक्ष के मामले में संसद् के लिए निर्वाचनों के बारे में विशेष उपबंध ।॥| -- संविधान (चवाल्लीसवां संशोधन) अधिनियम, 978 की धारा 36 द्वारा (20-6-4979 से) लोप किया गया ।
. संविधान (उनतालीसवां संशोधन) अधिनियम, 975 की धारा 3 द्वारा (0-8-975 से) कुछ शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
2. संविधान (चवालीसवां संशोधन) अधिनियम, 978 की धारा 35 द्वारा (20-6-4979 से) “परन्तु अनुच्छेद 329क के उपबंधों के अधीन रहते हुए” शब्दों, अंकों और अक्षर का लोप किया गया ।
3. संविधान (उनतालीसवां संशोधन) अधिनियम, 975 की धारा 4 द्वारा (0-8-4975 से) अंतःस्थापित
भाग 6 कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध
Source: India Code — The Constitution of India (As on 10 Sep 2026). All Constitution articles
📤 WhatsApp पर भेजें✈️ Telegram
SUMI SETU • All Indian laws / सभी कानून • वकील सहायक / Lawyer Assistant