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Article 60 — Oath or affirmation by the President
भारत का संविधान अनुच्छेद 60 — राष्ट्रपति द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान
| Law / कानून | Constitution of India भारत का संविधान |
|---|---|
| Article / अनुच्छेद | 60 |
| Chapter / अध्याय | Part IVA — Fundamental Duties |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
संविधान अनुच्छेद 60 क्या है? / What is Article 60?
Oath or affirmation by the President
Full text (English)
Every President and every person acting as President or discharging the functions of the President shall, before entering upon his office, make and subscribe in the presence of the Chief Justice of India or, in his absence, the senior-most Judge of the Supreme Court available, an oath or affirmation in the following form, that is to say— Amendment) Act, 1956, s. 29 and Sch. (w.e.f. 1-11-1956). THE CONSTITUTION OF INDIA (Part V.—The Union) "I, A.B., do swear in the name of God that I will faithfully execute the office solemnly affirm of President (or discharge the functions of the President) of India and will to the best of my ability preserve, protect and defend the Constitution and the law and that I will devote myself to the service and well-being of the people of India.".
पूरा पाठ (हिंदी)
प्रत्येक राष्ट्रपति और प्रत्येक व्यक्ति, जो राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर रहा है या उसके कृत्यों का निर्वहन कर रहा है, अपना पद ग्रहण करने से पहले भारत के मुख्य न्यायमूर्ति या उसकी अनुपस्थिति में उच्चतम न्यायालय के उपलब्ध ज्येष्ठतम न्यायाधीश के समक्ष निम्नलिखित प्ररूप में शपथ लेगा या प्रतिज्ञान करेगा और उस पर अपने हस्ताक्षर करेगा, अर्थात्:--
. संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 956 की धारा 29 और अनुसूची द्वारा (--956 से) “या राजप्रमुख या उप-राजप्रमुख” शब्दों का लोप किया गया ।
भारत का संविधान 29 (भाग 5--संघ) ईश्वर की शपथ लेता हूं मैं, अमुक --णणए कि. में श्रद्धापूर्वक भारत के सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हं
राष्ट्रपति के पद का कार्यपालन (अथवा राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन) करूंगा
तथा अपनी पूरी योग्यता से संविधान और विधि का परिरक्षण, संरक्षण और
प्रतिरक्षण करूंगा और में भारत की जनता की सेवा और कल्याण में निरत रहूंगा ।”।
. संविधान (सातवां संशोधन) अधिनियम, 956 की धारा 29 और अनुसूची द्वारा (--956 से) “या राजप्रमुख या उप-राजप्रमुख” शब्दों का लोप किया गया ।
भारत का संविधान 29 (भाग 5--संघ) ईश्वर की शपथ लेता हूं मैं, अमुक --णणए कि. में श्रद्धापूर्वक भारत के सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञान करता हं
राष्ट्रपति के पद का कार्यपालन (अथवा राष्ट्रपति के कृत्यों का निर्वहन) करूंगा
तथा अपनी पूरी योग्यता से संविधान और विधि का परिरक्षण, संरक्षण और
प्रतिरक्षण करूंगा और में भारत की जनता की सेवा और कल्याण में निरत रहूंगा ।”।
Source: India Code — The Constitution of India (As on 10 Sep 2026). All Constitution articles
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