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CPC Order 16 Rule 16 — When they may depart
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) आदेश 16 नियम 16 — वे कब प्रस्थान कर सकेंगे
| Law / कानून | Code of Civil Procedure, 1908 (CPC) सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) |
|---|---|
| Section / धारा | O16R16 |
| Chapter / अध्याय | Summoning And Attendance Of Witnesses |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सीपीसी आदेश 16 नियम 16 क्या है? / What is CPC Order 16 Rule 16?
When they may depart
Full text (English)
(1) A person so summoned and attending shall, unless the Court otherwise directs, attend at each hearing until the suit has been disposed of.
(2) On the application of either party and the payment through the Court of all necessary expenses (if any), the Court may require any person so summoned and attending to furnish security to attend at the next or any other hearing or until the suit is disposed of and, in default of his furnishing such security, may order him to be detained in the civil prison.
(2) On the application of either party and the payment through the Court of all necessary expenses (if any), the Court may require any person so summoned and attending to furnish security to attend at the next or any other hearing or until the suit is disposed of and, in default of his furnishing such security, may order him to be detained in the civil prison.
पूरा पाठ (हिंदी)
(1) इस प्रकार समनित और हाजिर होने वाला व्यक्ति, जब तक कि न्यायालय अन्यथा निदेश न करे, हर एक सुनवाई में तब तक हाजिर होता रहेगा जब तक कि वाद का निपटारा न हो जाए ।
(2) दोनों पक्षकारों में से किसी भी आवेदन पर और न्यायालय की मार्फत समस्त आवश्यक व्ययों के (यदि कोई हों) संदत्त किए जाने पर, न्यायालय इस प्रकार समनित और हाजिर होने वाले किसी भी व्यक्ति से अपेक्षा कर सकेगा कि वह अगली या किसी अन्य सुनवाई में या तब तक, जब तक कि वाद का निपटारा न हो जाए, हाजिर होने के लिए प्रतिभूति दे और ऐसी प्रतिभूति देने में उसके व्यतिक्रम करने पर आदेश कर सकेगा कि उसे सिविल कारगार में निरुद्ध किया जाए ।
॥7. नियम 0 से नियम 3 तक का लायू होना--नियम 0 से नियम 3 तक के उपबन्धों के बारे में जहां तक कि वे लागू होने योग्य हैं, यह समझा जाएगा कि वे किसी भी ऐसे व्यक्ति को लायू होते हैं, जो समन के अनुपालन में हाजिर होने पर, नियम 6 के उल्लंघन में विधिपूर्ण प्रतिहेतु के बिना प्रस्थान कर गया है ।
(2) दोनों पक्षकारों में से किसी भी आवेदन पर और न्यायालय की मार्फत समस्त आवश्यक व्ययों के (यदि कोई हों) संदत्त किए जाने पर, न्यायालय इस प्रकार समनित और हाजिर होने वाले किसी भी व्यक्ति से अपेक्षा कर सकेगा कि वह अगली या किसी अन्य सुनवाई में या तब तक, जब तक कि वाद का निपटारा न हो जाए, हाजिर होने के लिए प्रतिभूति दे और ऐसी प्रतिभूति देने में उसके व्यतिक्रम करने पर आदेश कर सकेगा कि उसे सिविल कारगार में निरुद्ध किया जाए ।
॥7. नियम 0 से नियम 3 तक का लायू होना--नियम 0 से नियम 3 तक के उपबन्धों के बारे में जहां तक कि वे लागू होने योग्य हैं, यह समझा जाएगा कि वे किसी भी ऐसे व्यक्ति को लायू होते हैं, जो समन के अनुपालन में हाजिर होने पर, नियम 6 के उल्लंघन में विधिपूर्ण प्रतिहेतु के बिना प्रस्थान कर गया है ।
Source: India Code — The Code of Civil Procedure, 1908 (As on 10 Jan 2026). All CPC sections
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