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CPC Order 18 Rule 12 — Remarks on demeanour of witnesses
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) आदेश 18 नियम 12 — साक्षियों की भावभंगी के बारे में टिप्पणियां
| Law / कानून | Code of Civil Procedure, 1908 (CPC) सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) |
|---|---|
| Section / धारा | O18R12 |
| Chapter / अध्याय | Hearing Of The Suit And Examination Of Witnesses |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सीपीसी आदेश 18 नियम 12 क्या है? / What is CPC Order 18 Rule 12?
Remarks on demeanour of witnesses
Full text (English)
The Court may record such remarks as it thinks material respecting the demeanour of any witness while under examination. 4 3 [ 13. Memorandum of evidence in unappealable cases.—In cases in which an appeal is not allowed, it shall not be necessary to take down or dictate or record the evidence of the witnesses at length; but the Judge, as the examination of each witness proceeds shall make in writing, or dictate directly on the typewriter, or cause to be mechanically recorded, a memorandum of the substance of what the witness deposes, and such memorandum shall be signed by the Judge or otherwise authenticated, and shall form part of the record.]
पूरा पाठ (हिंदी)
न्यायालय साक्षी की परीक्षा किए जाते समय उसकी भावभंगी के बारे में टिप्पणियां, जिन्हें वह तात्त्विक समझता हो, अभिलिखित कर सकेगा ।
१[3. जिन मामलों में अपील नहीं हो सकती है उन मामलों में साक्ष्य का ज्ञापन--ऐसे मामले में, जिनमें अपील अनुज्ञात नहीं है, यह आवश्यक नहीं होगा कि साक्षियों का साक्ष्य विस्तार सहित लिखा जाए या बोलकर लिखवाया जाए या अभिलिखित किया जाए किन्तु न्यायाधीश, जैसे-जैसे हर एक साक्षी की परीक्षा होती है वैसे-वैसे, उसके अभिसाक्ष्य के सार का ज्ञापन लिखेगा या बोलने के साथ ही टाइपराइटर पर टाइप कराएगा या यंत्र द्वारा अभिलिखित कराएगा और ऐसा ज्ञापन न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा या अन्यथा अधिप्रमाणित किया जाएगा और अभिलेख का भाग होगा ।]
१[3. जिन मामलों में अपील नहीं हो सकती है उन मामलों में साक्ष्य का ज्ञापन--ऐसे मामले में, जिनमें अपील अनुज्ञात नहीं है, यह आवश्यक नहीं होगा कि साक्षियों का साक्ष्य विस्तार सहित लिखा जाए या बोलकर लिखवाया जाए या अभिलिखित किया जाए किन्तु न्यायाधीश, जैसे-जैसे हर एक साक्षी की परीक्षा होती है वैसे-वैसे, उसके अभिसाक्ष्य के सार का ज्ञापन लिखेगा या बोलने के साथ ही टाइपराइटर पर टाइप कराएगा या यंत्र द्वारा अभिलिखित कराएगा और ऐसा ज्ञापन न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षरित किया जाएगा या अन्यथा अधिप्रमाणित किया जाएगा और अभिलेख का भाग होगा ।]
Source: India Code — The Code of Civil Procedure, 1908 (As on 10 Jan 2026). All CPC sections
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