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CPC Order 21 Rule 46E — Order as regards third person
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) आदेश 21 नियम 46E — जहां ऋण अन्य व्यक्ति का हो वहां प्रक्रिया
| Law / कानून | Code of Civil Procedure, 1908 (CPC) सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) |
|---|---|
| Section / धारा | O21R46E |
| Chapter / अध्याय | Execution Of Decrees And Orders |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सीपीसी आदेश 21 नियम 46E क्या है? / What is CPC Order 21 Rule 46E?
Order as regards third person
Full text (English)
After hearing such third person and any person or persons who may subsequently be ordered to appear, or where such third or other person or persons do not appear when so ordered, the Court may make such order as is hereinbefore provided, or such other order or orders upon such 1. Ss. 46A to 46-I ins. by Act 104 of 1976, s. 72 (w.e.f. 1-2-1977). terms, if any, with respect to the lien, charge or interest, as the case may be, of such third or other person or persons as it may deem fit and proper.
पूरा पाठ (हिंदी)
जहां यह सुझाया जाता है या संभाव्य प्रतीत होता है कि ऋण किसी अन्य व्यक्ति का है या ऐसे ऋण पर किसी अन्य व्यक्ति का धारणाधिकार या प्रभार अथवा उसमें अन्य हित है वहां न्यायालय ऐसे अन्य व्यक्ति को आदेश दे सकेगा कि वह उपसंजात हो और ऐसे ऋण के बारे में अपने दावे की प्रकृति और विशिष्टियां यदि कोई हों, कथित करे और उसे साबित करे ।
46ड'. अन्य व्यक्ति के बारे में आदेश--ऐसे अन्य व्यक्ति और किसी ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों को जिन्हें तत्पश्चात् उपसंजात होने का आदेश दिया जाए, या जहां ऐसा अन्य या दूसरा व्यक्ति या दूसरे व्यक्ति ऐसा आदेश दिए जाने पर उपसंजात नहीं होते हैं वहां न्यायालय ऐसा आदेश कर सकेगा जो इसमें इसके पूर्व उपबंधित है या ऐसे अन्य अथवा दूसरे व्यक्ति या व्यक्तियों के, यथास्थिति, धारणाधिकार, प्रभार या हित के सम्बन्ध में, ऐसे निबन्धनों पर, यदि कोई हों, ऐसा अन्य आदेश या ऐसे अन्य आदेश दे सकेगा जो वह ठीक और उचित समझे ।
46ड'. अन्य व्यक्ति के बारे में आदेश--ऐसे अन्य व्यक्ति और किसी ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों को जिन्हें तत्पश्चात् उपसंजात होने का आदेश दिया जाए, या जहां ऐसा अन्य या दूसरा व्यक्ति या दूसरे व्यक्ति ऐसा आदेश दिए जाने पर उपसंजात नहीं होते हैं वहां न्यायालय ऐसा आदेश कर सकेगा जो इसमें इसके पूर्व उपबंधित है या ऐसे अन्य अथवा दूसरे व्यक्ति या व्यक्तियों के, यथास्थिति, धारणाधिकार, प्रभार या हित के सम्बन्ध में, ऐसे निबन्धनों पर, यदि कोई हों, ऐसा अन्य आदेश या ऐसे अन्य आदेश दे सकेगा जो वह ठीक और उचित समझे ।
Source: India Code — The Code of Civil Procedure, 1908 (As on 10 Jan 2026). All CPC sections
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