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CPC Order 5 Rule 3 — Court may order defendant or plaintiff to appear in person
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) आदेश 5 नियम 3 — न्यायालय प्रतिवादी या वादी को स्वयं उपसंजात होने के लिए आदेश दे सकेगा
| Law / कानून | Code of Civil Procedure, 1908 (CPC) सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) |
|---|---|
| Section / धारा | O5R3 |
| Chapter / अध्याय | ______ |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सीपीसी आदेश 5 नियम 3 क्या है? / What is CPC Order 5 Rule 3?
Court may order defendant or plaintiff to appear in person
Full text (English)
(1) Where the court sees reason to require the personal appearance of the defendant, the summons shall order him to appear in person in Court on the day therein specified.
(2) Where the Court sees reason to require the personal appearance of the plaintiff on the same day, it shall make an order for such appearance.
(2) Where the Court sees reason to require the personal appearance of the plaintiff on the same day, it shall make an order for such appearance.
पूरा पाठ (हिंदी)
(1) जहां न्यायालय के पास प्रतिवादी की स्वीय उपसंजाति अपेक्षित करने के लिए कारण हो वहां समन द्वारा यह आदेश किया जाएगा कि समन में विनिर्दिष्ट तारीख को वह न्यायालय में स्वयं उपसंजात हो ।
! [999 के अधिनियम सं ० 46 की धारा 4 द्वारा (-7-2002 से) कतिपय शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित । 2 [999 के अधिनियम सं ० 46 की धारा 4 द्वारा (-7-2002 से) अंत:स्थापित ।
3 2002 के अधिनियम सं ० 22 की धारा 6 द्वारा (-7-2002 से) उपनियम (1) के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
4 206 के अधिनियम सं० 4 की धारा 6 और अनुसूची द्वारा प्रतिस्थापित ।
5 [999 के अधिनियम सं ० 46 की धारा 4 द्वारा (-7-2002 से) नियम 2 के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
(2) जहां न्यायालय के पास वादी की उसी दिन स्वीय उपसंजाति अपेक्षित करने के लिए कारण हो वहां वह ऐसी उपसंजाति के लिए आदेश करेगा ।
! [999 के अधिनियम सं ० 46 की धारा 4 द्वारा (-7-2002 से) कतिपय शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित । 2 [999 के अधिनियम सं ० 46 की धारा 4 द्वारा (-7-2002 से) अंत:स्थापित ।
3 2002 के अधिनियम सं ० 22 की धारा 6 द्वारा (-7-2002 से) उपनियम (1) के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
4 206 के अधिनियम सं० 4 की धारा 6 और अनुसूची द्वारा प्रतिस्थापित ।
5 [999 के अधिनियम सं ० 46 की धारा 4 द्वारा (-7-2002 से) नियम 2 के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
(2) जहां न्यायालय के पास वादी की उसी दिन स्वीय उपसंजाति अपेक्षित करने के लिए कारण हो वहां वह ऐसी उपसंजाति के लिए आदेश करेगा ।
Source: India Code — The Code of Civil Procedure, 1908 (As on 10 Jan 2026). All CPC sections
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