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CPC Order 6 Rule 10 — Malice, knowledge, etc
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) आदेश 6 नियम 10 — विद्वेष, ज्ञान, आदि
| Law / कानून | Code of Civil Procedure, 1908 (CPC) सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) |
|---|---|
| Section / धारा | O6R10 |
| Chapter / अध्याय | Pleadings Generally |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सीपीसी आदेश 6 नियम 10 क्या है? / What is CPC Order 6 Rule 10?
Malice, knowledge, etc
Full text (English)
Wherever it is material to allege malice, fradulent intention, knowledge or other condition of the mind of any person, it shall be sufficient to allege the same as a fact without setting out the circumstances from which the same is to be inferred.
पूरा पाठ (हिंदी)
जहां कहीं किसी व्यक्ति के विद्वेष, कपटपूर्ण आशय, ज्ञान या चित्त की अन्य दशा का अभिकथन करना तात्त्विक है, वहां उन परिस्थितियों को उपवर्णित किए बिना जिनसे उसका अनुमान किया जाना है, उसे तथ्य के रूप में अभिकथित करना पर्याप्त होगा ।
. सूचना--जहां कहीं यह अभिकथन करना तात्त्विक है कि किसी तथ्य, बात या वस्तु की सूचना किस व्यक्ति की थी वहां जब तक कि ऐसी सूचना का प्ररूप या उसके यथावत् शब्द या वे परिस्थितियां, जिनसे ऐसी सूचना का अनुमान किया जाना है, तात्त्विक न हों, ऐसी सूचना को तथ्य के रूप में अभिकथित करना पर्याप्त होगा ।
. सूचना--जहां कहीं यह अभिकथन करना तात्त्विक है कि किसी तथ्य, बात या वस्तु की सूचना किस व्यक्ति की थी वहां जब तक कि ऐसी सूचना का प्ररूप या उसके यथावत् शब्द या वे परिस्थितियां, जिनसे ऐसी सूचना का अनुमान किया जाना है, तात्त्विक न हों, ऐसी सूचना को तथ्य के रूप में अभिकथित करना पर्याप्त होगा ।
Source: India Code — The Code of Civil Procedure, 1908 (As on 10 Jan 2026). All CPC sections
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