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CPC Order 7 Rule 7 — Relief to be specifically stated
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) आदेश 7 नियम 7 — अनुतोष का विनिर्दिष्ट रूप से कथन
| Law / कानून | Code of Civil Procedure, 1908 (CPC) सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) |
|---|---|
| Section / धारा | O7R7 |
| Chapter / अध्याय | Plaint |
सरल हिंदी सार
राहत स्पष्ट रूप से लिखी जाए
वादपत्र में माँगी गई राहत स्पष्ट रूप से बताई जानी चाहिए। न्यायालय उचित मामलों में सामान्य राहत भी दे सकता है।
वादपत्र में माँगी गई राहत स्पष्ट रूप से बताई जानी चाहिए। न्यायालय उचित मामलों में सामान्य राहत भी दे सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सीपीसी आदेश 7 नियम 7 क्या है? / What is CPC Order 7 Rule 7?
Relief to be specifically stated — राहत स्पष्ट रूप से लिखी जाए: वादपत्र में माँगी गई राहत स्पष्ट रूप से बताई जानी चाहिए। न्यायालय उचित मामलों में सामान्य राहत भी दे सकता है।
Full text (English)
Every plaint shall state specifically the relief which the plaintiff claims either simply or in the alternative, and it shall not be necessary to ask for general or other relief which may always be given as the Court may think just to the same extent as if it had been asked for. And the same rule shall apply to any relief claimed by the defendant in his written statement.
पूरा पाठ (हिंदी)
हर वादपत्र में उस अनुतोष का विनिर्दिष्ट रूप से कथन होगा जिसके लिए वादी सामान्यतः: या अनुकल्पत: दावा करता है और यह आवश्यक नहीं होगा कि ऐसा कोई साधारण या अन्य अनुतोष मांगा जाए, जो न्यायालय न्यायसंगत समझे जो सर्वदा ही उसी विस्तार तक ऐसे दिया जा सकेगा मानों वह मांगा गया हो, और यही नियम प्रतिवादी द्वारा अपने लिखित कथन में दावा किए गए किसी अनुतोष को भी लागू होगा ।
Source: India Code — The Code of Civil Procedure, 1908 (As on 10 Jan 2026). All CPC sections
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