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BNS Section 344 (IPC 477A) — Falsification of accounts
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) धारा 344 (पुरानी आईपीसी 477A)
| Law / कानून | Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (BNS) भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) |
|---|---|
| Section / धारा | 344 |
| Chapter / अध्याय | Chapter XVIII — Of Offences Relating To Documents And To Property Marks |
| Old law / पुरानी धारा | Indian Penal Code (IPC) — IPC 477A |
संज्ञेय, ज़मानती और विचारण (BNSS प्रथम अनुसूची)
| उप-धारा / Clause | संज्ञेय? | ज़मानती? | विचारण / Triable by |
|---|---|---|---|
| 344 | असंज्ञेय Non-cognizable | ज़मानती Bailable | प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट Magistrate of the first class |
स्रोत: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की प्रथम अनुसूची।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
BNS धारा 344 क्या है? / What is BNS Section 344?
Falsification of accounts
क्या BNS धारा 344 ज़मानती है? / Is BNS Section 344 bailable?
यह अपराध: ज़मानती (Bailable)
क्या BNS धारा 344 संज्ञेय है? / Is BNS Section 344 cognizable?
यह अपराध: असंज्ञेय (Non-cognizable)
BNS धारा 344 का विचारण कौन-सा न्यायालय करता है? / Which court tries BNS Section 344?
विचारण: प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (Magistrate of the first class)
बीएनएस धारा 344 पुरानी आईपीसी की कौन-सी धारा है? / Which old IPC section is BNS Section 344?
BNS Section 344 = IPC 477A. Falsification of accounts
Full text (English)
Explanation.—It shall be sufficient in any charge under this section to allege a general intent to defraud without naming any particular person intended to be defrauded or specifying any particular sum of money intended to be the subject of the fraud, or any particular day on which the offence was committed. Of property marks
पूरा पाठ (हिंदी)
कब्जे में हो या जिसे उसने नियोजक के लिए या उसकी ओर से प्राप्त किया हो, साशय और कपट करने के आशय से नष्ट, परिवर्तित, विकृत या मिथ्याकृत करता है या किसी ऐसी पुस्तक, इलैक्ट्रानिक अभिलेख, कागज, लेख मूल्यवान प्रतिभूति या लेखा में साशय और कपट करने के आशय से कोई मिथ्या प्रविष्टि करता है या करने के लिए दुष्प्ररण करता है, या उसमें से या उसमें किसी तात््विक विशिष्टि का लोप या परिवर्तन करता है या करने का दुष्प्ररण करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा ॥
स्पष्टीकरण-इस धारा के अधीन किसी आरोप में, किसी विशिष्ट व्यक्ति का, जिससे कपट करना आशयित था, नाम बताए बिना या किसी विशिष्ट धनराशि का, जिसके विषय में कपट किया जाना आशयित था या किसी विशिष्ट दिन का, जिस दिन अपराध किया गया था, विनिर्देश किए बिना, कपट करने के साधारण आशय का अभिकथन पर्याप्त होगा ।
Source: India Code — The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 (As on 6 Oct 2025). All BNS sections
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