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BNSS Section 252 (CrPC 229) — Conviction on plea of guilty
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) धारा 252 (पुरानी सीआरपीसी 229) — दोष स्वीकार करने पर दोषसिद्धि
| Law / कानून | Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (BNSS) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) |
|---|---|
| Section / धारा | 252 |
| Chapter / अध्याय | Chapter XIX — Trial Before A Court Of Session |
| Old law / पुरानी धारा | Code of Criminal Procedure (CrPC) — CrPC 229 |
सरल हिंदी सार
दोष स्वीकार करने पर दोषसिद्धि
अभियुक्त दोष स्वीकार करे तो न्यायालय उसका अभिवचन दर्ज करता है और विवेक से उस पर उसे दोषसिद्ध कर सकता है।
अभियुक्त दोष स्वीकार करे तो न्यायालय उसका अभिवचन दर्ज करता है और विवेक से उस पर उसे दोषसिद्ध कर सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
बीएनएसएस धारा 252 क्या है? / What is BNSS Section 252?
Conviction on plea of guilty — दोष स्वीकार करने पर दोषसिद्धि: अभियुक्त दोष स्वीकार करे तो न्यायालय उसका अभिवचन दर्ज करता है और विवेक से उस पर उसे दोषसिद्ध कर सकता है।
बीएनएसएस धारा 252 पुरानी सीआरपीसी की कौन-सी धारा है? / Which old CrPC section is BNSS Section 252?
BNSS Section 252 = CrPC 229. Conviction on plea of guilty
Full text (English)
If the accused pleads guilty, the Judge shall record the plea and may, in his discretion, convict him thereon.
पूरा पाठ (हिंदी)
यदि अभियुक्त दोषी होने का अभिवचन करता है तो न्यायाधीश उस अभिवाक् को लेखबदूध करेगा और उसके आधार पर उसे, स्वविवेकानुसार, दोषसिद्ध कर सकता है।
🔎 सरल सार, केस-लॉ और बोलकर/फ़ोटो से धारा खोजेंSource: India Code — The Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023. All BNSS sections
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