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CPC Order 5 Rule 10 — Mode of service
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) आदेश 5 नियम 10 — तामील का ढंग
| Law / कानून | Code of Civil Procedure, 1908 (CPC) सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (सीपीसी) |
|---|---|
| Section / धारा | O5R10 |
| Chapter / अध्याय | ______ |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सीपीसी आदेश 5 नियम 10 क्या है? / What is CPC Order 5 Rule 10?
Mode of service
Full text (English)
Service of the summons shall be made by delivering or tendering a copy thereof signed by the Judge or such officer as he appoints in this behalf, and sealed with the seal of the Court.
पूरा पाठ (हिंदी)
समन की तामील उसकी ऐसी प्रति के परिदान या निविदान द्वारा की जाएगी जो न्यायाधीश या ऐसे अधिकारी द्वारा जो वह इस निमित्त नियुक्त करे, हस्ताक्षरित हो और जिस पर न्यायालय की मुद्रा लगी हो ।
. अनेक प्रतिवादियों पर तामील--अन्यथा विहित के सिवाय जहां एक से अधिक प्रतिवादी हैं, वहां समन की तामील हर एक प्रतिवादी पर की जाएगी ।
. अनेक प्रतिवादियों पर तामील--अन्यथा विहित के सिवाय जहां एक से अधिक प्रतिवादी हैं, वहां समन की तामील हर एक प्रतिवादी पर की जाएगी ।
Source: India Code — The Code of Civil Procedure, 1908 (As on 10 Jan 2026). All CPC sections
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